मंगलवार, 7 जून 2016

सिंगापुर यात्रा संस्मरण भाग 4.

गार्डन्स बाय दी बे :--
यह 101 एकड़ में बना हुआ है , यहाँ प्रवेश शुल्क 8डॉलर से लेकर 28 डॉलर तक है ...बाहिरी गार्डन्स की कोई टिकट नही है ...  कुछ कुदरती पेड़ों के बीच कृतिम पेड़ों से सजा हुआ बे जब लाइट एंड म्यूजिक शो में चमचमाता है तो सबकी धडकनें रुक जाती हैं ... शो देखने के लिए आपको  बार बार गर्दन ऊपर करके देखना पड़ता है क्योंकि ये सुपर ट्रीज इतने ऊँचे हैं कि आप लगातार इसे मुँह उठाये देख नहीं सकते ... इसका समय सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक है .. 


मॉल से बाहर आते ही सामने लम्बे लम्बे पेड़ों से सजे दो शानदार रास्ते थे एक जाने का ,एक आने का ... उसमें से चलते हुए सितारों की तरह चांदनी बिखेरती हुए लाइटें चारों तरफ सुंदर द्रश्य पेश कर रहीं थी ... वहां कुछ तस्वीरें लेना तो लाज़मी था ... यहाँ से सिंगापुर फ्लायर रौशनी में चमचमाता हुआ और नीचे पानी में उसकी परिछाई .. वाह वाह के इलावा कुछ बोल नहीं पा रहे थे ..मंत्रमुग्ध होकर हम इसका आनन्द लेते हुए कुछ तस्वीरें भी ले रहे थे ... .अब हम चलते चलते एक  एक्सेलेटर से उतरकर गार्डन्स बाय दी बे में थे ... समय हो चुका था लाइट एंड म्यूजिक शो का ...वाह क्या बात! क्या बात! म्यूजिक के साथ रंग बदलते सुपर ट्रीज ... लाजवाब लग रहे थे ... 
सुपर ट्रीज :--
सुपर ट्रीज पेड़नुमा स्ट्रक्चर जोकि 25 मीटर से 50 मीटर तक ऊँचे हैं यह वर्टीकल गार्डन्स हैं जो  कई प्रकार के काम आते हैं ,छाया देने के ,पौधे उगाने के और बगीचे के एनवायर्नमेंटल इंजन का काम करते हैं ... लम्बे लम्बे पौधों के बीच फ़र्न,आर्किड और बहुत सारे पौधे उगाये गए हैं .. ये सोलर एनर्जी पैदा करते हैं जो इनको लाइट देने के काम आती है ,बरसाती पानी इकठ्ठा करने के काम आते हैं जिससे सिंचाई की जाती है ... सुपर ट्रीज को आपस में जोड़ता हुआ स्काईवे लगभग 22 मीटर ऊँचा और 128 मीटर लम्बा है जिसके ऊपर जाकर इसे पास से महसूस करने के लिए इसकी 5 डॉलर की टिकट अलग से है... .. 


डोम गार्डन्स [ग्लास हाउसेस ]:-- 
ये ऐसे हाउस हैं जिनकी दीवारें और छत्त ग्लास की बनी हुई हैं बिना किसी भी कॉलम के ..यहाँ दो ठन्डे कॉम्पेक्स हैं दी क्लाउड फारेस्ट और दी फ्लावर डोम .. क्लाउड फारेस्ट ज्यादा ऊँचा लेकिन 2 एकड़ में बना हुआ है ,लेकिन फ्लावर डोम नीचा और 3 एकड़ में बना हुआ है ...


दी क्लाउड फारेस्ट यानि ठंडा बादल वन :--
क्लाउड फारेस्ट की टिकट हमारे पॅकेज में पहले से थी ... इसमें मानव निर्मित पहाड़ जोकि 138 फीट ऊँचा है और  कृतिम वाटर फाल है जोकि संसार का सबसे लम्बा इनडोर वाटर फॉल है ..यह 115 फीट की ऊँचाई से नीचे गिरता है ....इसके अंदर प्रवेश करते ही आपका स्वागत ताज़ी और ठंडी हवा से होता है ..यहाँ पहाड़ों पर उगने वाले पौधे जोकि समुन्द्र तल से 1000 मीटर से 3000 मीटर तक की ऊँचाई पर होते हैं वो वातावरण दिया गया है ..इसकी सातवीं मंजिल पर पहुँचने के लिए लिफ्ट का प्रयोग किया गया है जिसमें आप उड़ते हुए बादलों को महसूस कर सकते हैं देख सकते हैं ... अद्भुत दृश्य ... जिसे लॉस्ट वर्ल्ड का नाम दिया गया है .. 



इससे नीचे उतरने के लिए एक घुमावदार रास्ता बनाया गया है जो पेड़ पौधों से सजा हुआ है ... उससे नीचे छटी मंजिल पर है कैवर्न .... पाँचवीं मंजिल से आप वाटर फाल का व्यू देख सकते हैं .. चौथी मंजिल पर क्रिस्टल माउनटेन  है यहाँ पहाड़ियों को अलग अंदाज से दिखाया गया है यहाँ छत्त पर बहुत बड़े बड़े दर्पण लगे हुए हैं पहली मंजिल पर नीचे +5 डिग्री और -5 डिग्री तापमान दिखाया गया है ... कुल मिला कर आनंद ही आनंद ..


फ्लावर डोम यानि फूल गुम्बद :-- 
क्लाउड फारेस्ट देखने के बाद समय नहीं बचा था कि हम फ्लावर डोम को देख पाते .... इसमें ऑस्ट्रेलिया,साउथ अमेरिका,साउथ अफ्रीका के पौधे आपको मिलेंगे यहाँ का वातावरण ड्राई और माइल्ड है आर्किड फ्लावर यहाँ की विशेषता है ..इसके अंदर सात अलग अलग गार्डन हैं ...इसमें फूलों की हजारों किस्में हैं ,कई मंजिलों पर ,पोस्टर्स,मूर्तियाँ ,स्लाइडशो ,पर्यावरण प्रदर्शनी  और रंग बिरंगी चमचमाती दुकानें हैं,एक डाकुमेंटरी फिल्म यहाँ दिखाई जाती है जिसमे जीवंत दिखाया जाता है कि 2110  में दुनिया कैसी होगी अगर प्रदूषण और पेड़ों की कटाई नही रोकी गई तो  .. आखिरी मंजिल पर बादलों के गुच्छे आपका मन मोह लेते हैं ... एक डिसप्ले फील्ड भी है यहाँ फ्लावर शो होते हैं ..
चिल्ड्रन गार्डन :--
यह छोटे बच्चों के लिए हैं 5साल से छोटे और 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए .... 

गार्डन्स बाय दी बे देखने के बाद हम वापिस चलकर स्काई पार्क की तरफ आये उसकी लिफ्ट से नीचे उतरकर हमने लिटिल इंडिया के लिए टैक्सी ले ली थी 9.30 बज चुके थे ..इसलिए हमने टैक्सी वाले को सीधा मुस्तफा माल के पास  ही छोड़ने को बोला था क्योंकि उसके बाद खाना नहीं मिलना था हमने वहां पहुँच कर शुद्द शाकाहारी भोजनालय आनन्द भवन से खाना खाया और फिर होटल वापिस निकल पड़े ... वहां से हमने चलते चलते आने का फैसला किया और सोचा रात को हाजी लेन चलते हैं सुना था वहां पर रात को कुछ म्यूजिशियन आकर बैठते हैं और गाना बजाना करते हैं ... हम वहां पहुँच तो गए थे किसी तरह पूछते पूछते लेकिन वहां का माहौल कुछ ठीक नहीं लगा और दो चार लोग बैठे भी थे तो अपने में मस्त थे कोई गाना बजाना नही हो रहा था .. हम बुरी तरह थक चुके थे अब वापिस पैदल आने की हिम्मत नहीं थी इसलिए हमने वही से टैक्सी ली और होटल पहुँच गए .... 
चौथा दिन:-- 
ECP :-- आज हमें ईस्ट कोस्ट पार्क जाना था यानि एक ओपन बीच इसलिए हम आराम से तैयार होकर निकले ,पहले पेट पूजा की और फिर टैक्सी ले कर वहां पहुँच गए ... लगभग 15 किलोमीटर लम्बा बीच कई भाग में बंटा हुआ है इसमें सिर्फ D और G में ही आप कैंप लगा सकते हैं वो भी अनुमिति के बिना नहीं ..यह बीच सिंगापुर वालों में काफी चर्चित है ... 
धूप काफी थी लेकिन बीच के किनारे किनारे पूरे पेड़ ही पेड़ थे इसलिए इतना महसूस नही हो रहा था ... थोड़ी देर हमने वहां तस्वीरें वगेरह ली ..उसके बाद हमने एक चार पहिये की साइकिल किराए पर ले ली थी जो एक रिक्शा की तरह लग रही थी .. उसे लेकर हम बीच पर घूमने निकल गए क्योंकि बीच पर आप इतनी लम्बी दूरी पैदल तो तय नहीं कर सकते ... 


रास्ते में तस्वीरें लेते हुए हम बारी बारी साइकिल चला रहे थे क्योंकि बहुत सालों बाद और लगातार साइकिल चलाना मुश्किल था ... यहाँ पिकनिक का माहौल था कुछ लोग जन्मदिन मना रहे थे ,कुछ ग्रुप इक्कठे आये हुए थे जो अलग अलग तरह से अपने में व्यस्त थे ..कुछ म्यूजिक चलाकर नाच गाना कर रहे थे .. कुछ नहाने का मजा भी ले रहे थे लेकिन किनारे किनारे ...क्योंकि यहाँ किसी भी बीच पर तैरना मना है ... हम लोग भी कुछ देर किनारे किनारे पानी के साथ अठखेलियाँ करते हुए तस्वीरें खिंचवा रहे थे ... सामने समुन्द्र में कुछ जहाज भी खड़े थे ... कुछ बोट इधर उधर आ जा रहीं थी ... यहाँ कुछ खाने का सामान लेकर हाकर भी बैठे थे ..उनकी एक जगह निश्चित थी इधर उधर नहीं घूम रहे थे ... कुछ बच्चे स्केटिंग भी कर रहे थे ... कुछ दूसरे खेलों में व्यस्त थे जैसे वाटर गेम्स केबल स्कीइंग वगेरह ... हमारा साइकिल लौटाने का समय हो चला था इसलिए हम पूरी बीच ना देखकर रास्ते में से ही वापिस लौट आये थे ... .. उसे साइकिल लौटाकर हम पास ही एक रेस्तरा में चले गए ... कुछ हल्का फुल्का लिया क्योंकि हमारे लायक वही था केवल फ्रेंच फ्राइज ... इसके बाद थोड़ा चलकर हम बाहर रोड पर आ गए वहां से हमें टैक्सी मिल गई थी ...अब हमने ओर्चिड रोड पर जाने का फैसला किया .. 
ओर्चिड रोड :-- सुना था यह शोप्पिंग के लिए बहुत अच्छी जगह है यहाँ बहुत सारे बड़े बड़े खुबसूरत मॉल हैं और शानदार बड़े बड़े होटल भी ..पर्यटक यहाँ ख़ास खरीदारी के लिए आते हैं ... यहाँ हर वस्तु उपलब्ध है लेकिन दाम लगभग वही हैं जो आपको दिल्ली में भी आराम से मिल जायेंगे कोई ऐसी वस्तु दिखी नही जो यहाँ ना मिलती हो ..इसलिए वहां से कुछ उठाकर मत लाइए ... 
बुगीज जंक्शन :-- बारिश  होने लगी थी ..अब हम ने बुगी जंक्शन के लिए टैक्सी की ..उसके सामने ही थी बुगी स्ट्रीट जो दिखने में पालिका बाजार और जनपथ की तरह लग रही थी ..बहुत सारी शॉप्स और बहुत सारी बारगेनिंग भी बिलकुल भारत जैसी ... यहाँ आप सस्ते में काफी कुछ खरीद सकते हैं लेकिन इतना सस्ता नहीं ... कपड़े सिंगापुर में मँहगे हैं .. यहाँ हमने कुछ जरूरी शौपिंग कर ली थी ... फिर हम होटल वापिस आ गये थे ... अगले दिन हमारी वापिसी थी इसलिए यह होटल में हमारी आखिरी रात थी ... हम सब पैकिंग में लग गए थे ...कुछ जरुरी पैकिंग सुबह के लिए छोड़ कर हमने सब पैकिंग कर ली थी ..अपना पासपोर्ट, टिकट, वीजा सब एक पर्स में सुरक्षित रख लिया था ताकि सुबह कोई भाग दौड़ नहीं हो ... 
अन्य दर्शनीय स्थल :--
जूरोंग बर्ड पार्क :--
एक अन्य जूलॉजिकल गार्डन है जो पक्षियों पर केंद्रित है। यहां पर्यटकों को एक हजार फ्लैमिंगों पक्षियों के झुंड के अलावा दुनिया भर में पाए जाने वाले पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों और किस्मों को देखने का मौका मिलता है। .. रेप्टाइल पार्क, जूलॉजिकल गार्डन भी विशेष हैं ..
रिवर थीम वाइल्ड लाइफ पार्क :--
यह दुनिया भर की प्रसिद्ध नदियों के नाम पर बनाया गया है ,बाहर एक बोर्ड पर लिखा है ''दुनिया की नदियाँ ''भारत के हिस्से में गंगा नदी ,मिस्सीसिप्पी नदी, में पेडल फिश ,मेकोंग नदी में केट फिश ,यांत्ज नदी में पांडा दर्शाए गए हैं 
संग्रहालय :-- 
यहाँ अनेकों संग्रहालय हैं जिनमे से कुछ का जिक्र करना जरुरी है ...
एशियन म्यूजियम एक  पौराणिक संग्रहालय है यहाँ दक्षिण एशिया का इतिहास एवं कुछ विश्व प्रसिद्ध कृतियाँ सुरक्षित हैं ,इसमें विक्टोरिया थिएटर में सिंगापुर के प्रतिष्ठित कार्यक्रम होते हैं 
नेशनल म्यूजियम ऑफ़ सिंगापुर जिसे स्टोरी ऑफ़ द लायन भी कहा जाता है इसमें बुद्ध के दृश्यों एवं इतिहास को दीर्घ चित्रों साहित्य प्रदर्शनी के रूप में दिखाया गया है जिसमे 
'लाइफ आफ्टर डेथ 'को नीली रौशनी से और युद्ध दृश्य सिंदूरी रौशनी से दिखाए गए हैं 
इसके इलावा भी यहाँ ढेरों म्यूजियम हैं जो अलग अलग खजाना समेटे हुए पर्यटकों का मन मोह लेते हैं ...
मंदिर :-- यहाँ हिन्दू चीनी ,बौद्ध मंदिर भी बहुत हैं जिनमे अद्भुत कारीगरी के नमूने पेश किये गए हैं .. ,इसके इलावा मस्जिद ,चर्च भी हैं समय हो तो इनको भी देखिये ..  
पर्लियामेट हाउस ,और बहुत सारी इमारतें अपने में अपार खजाना समेटे हैं 

क्रूज :-- यहाँ कई तरह के क्रूज हैं जो एक दिन से लेकर कई दिनों तक की समुद्री यात्रा आपको करवाते हैं आपके समय,धन के अनुसार .,सिंगापुर क्रूज आधुनिकता की और भव्यता की मिसाल हैं ....हमारे पास समय काअभाव था और क्रूज की ऑनलाइन बुकिंग नही हो पाने के कारण हमें मलाल रहेगा कि हम सिंगापुर की समुद्री यात्रा नहीं कर पाए ... 

क्रमशः भाग 5.
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